“नर्सिंग भर्ती को लेकर प्रदेशभर में हलचल: 5 फरवरी को जयपुर कूच की तैयारी”

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💥 सूचना विशेष: नर्सिंग भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट | 5 फरवरी को जयपुर में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय धरना ✍️ By Arjun Hansaliya Nursing Officer | Health Policy Analyst राजस्थान में नर्सिंग भर्ती एवं आने वाली भर्तियों के भविष्य को लेकर यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेशभर में नर्सिंग समुदाय के बीच चर्चा तेज हो गई है और संगठनात्मक गतिविधियाँ भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं। 📢 क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति द्वारा 5 फरवरी (गुरुवार) को शहीद स्मारक, जयपुर पर प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। 🔎 जिलों में क्या चल रहा है? ✔️ जिला स्तर पर बैठकों का आयोजन ✔️ अधिक से अधिक सहभागिता पर जोर ✔️ संगठनात्मक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा इसी क्रम में दौसा जिले में प्रतीकात्मक रूप से पीले चावल वितरण कर स्थायी एवं संविदा कर्मियों द्वारा 5 फरवरी को जयपुर पहुंचने का सामूहिक संकल्प लिया गया — जो संगठनात्मक जागरूकता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। 🙏 विशेष आभार टीम द...

संविदा सेवा भी गिनी जाए – हाईकोर्ट का बड़ा संदेश | क्या राजस्थान के सभी संविदा से नियमित कर्मचारियों पर लागू होगा?

संविदा सेवा भी गिनी जाए – हाईकोर्ट का बड़ा संदेश

(लेकिन क्या यह हर संविदा कर्मचारी पर लागू होता है?)

दैनिक भास्कर (जयपुर) में प्रकाशित खबर के अनुसार, हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि —

  • 👉 कर्मचारी की अस्थायी / संविदा सेवा अवधि
  • 👉 नियमित होने के बाद भी
  • 👉 पेंशन एवं अन्य सेवा परिलाभों में जोड़ी जानी चाहिए

यदि कर्मचारी ने —

  • ✔️ स्वीकृत (Sanctioned) पद पर सेवा दी हो
  • ✔️ निरंतर (Continuous) सेवा की हो
  • ✔️ और बाद में उसी सेवा में नियमित किया गया हो

तो केवल “नियमित होने की तारीख” से ही सेवा गिनना न्यायसंगत नहीं माना गया।


❓ राजस्थान के कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सवाल

  • 🔹 क्या राजस्थान में संविदा से नियमित हुए सभी कर्मचारियों को
    ➡️ अपनी पुरानी संविदा सेवा जोड़वाने के लिए कोर्ट जाना पड़ेगा?

  • 🔹 या फिर
    ➡️ सरकार / विभाग को यह लाभ स्वतः (Automatically) देना चाहिए?

  • 🔹 जिन कर्मचारियों को अब तक
    ➡️ सीनियरिटी / वेतन / पेंशन में संविदा सेवा का लाभ नहीं मिला,
    वे क्या प्रक्रिया अपनाएं?

🛑 जरूरी कानूनी स्पष्टता (सच जो जानना ज़रूरी है)

NRHM / NHM सहित उन सभी मामलों में, जहाँ नियमित सेवा Fresh Recruitment से मिली है —

उपलब्ध सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के निर्णयों के अनुसार —

  • ❌ यदि कर्मचारी बाद में Fresh Recruitment से नियमित हुआ है
  • ❌ भले ही चयन में अनुभव / बोनस अंक का लाभ मिला हो

तो —

  • 🚫 पूर्व संविदा सेवा नियमित सेवा में कोर्ट से नहीं जोड़ी जाती
  • 🚫 चयन ग्रेड / वरिष्ठता / एरियर कोर्ट से नहीं मिलते
  • 🚫 OPS (पुरानी पेंशन) केवल संविदा सेवा के आधार पर नहीं मिलती

कारण स्पष्ट है —
संविदा नियुक्ति योजना / स्कीम आधारित थी, और नियमित सेवा नई भर्ती प्रक्रिया से प्राप्त हुई।


🟢 क्या कोई रास्ता है?

हाँ — लेकिन कोर्ट से नहीं।

  • ✔️ यह विषय न्यायालय से अधिक सरकारी नीति (Policy) का है
  • ✔️ यदि सरकार चाहे तो —
  • 👉 विशेष नीति बना सकती है
  • 👉 आंशिक सेवा-मान्यता दे सकती है
  • 👉 सीमित राहत प्रदान कर सकती है

📌 लेकिन यह सब सरकारी निर्णय से होगा, कोर्ट के आदेश से नहीं


🧭 आपकी राय जानना ज़रूरी है

  1. क्या संविदा सेवा जोड़ने के लिए अलग-अलग कोर्ट केस करना सही है?
  2. या संगठन / संघ के माध्यम से सामूहिक मांग ज़्यादा प्रभावी है?
  3. क्या विभाग स्तर पर Representation देकर समाधान संभव है?

💬 कमेंट में अपनी राय लिखें — ताकि सही, सुरक्षित और व्यावहारिक रास्ता सभी तक पहुंचे।


⚠️ डिस्क्लेमर:
यह पोस्ट सामान्य कानूनी जानकारी एवं उपलब्ध न्यायिक निर्णयों के अध्ययन पर आधारित है। यह किसी प्रकार की व्यक्तिगत कानूनी सलाह नहीं है।

किसी भी सेवा-संबंधी विषय में विभागीय आदेश, सेवा नियम एवं राज्य सरकार का निर्णय ही अंतिम रूप से मान्य होंगे।

✍️ Arjun Hansaliya

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