“नर्सिंग भर्ती को लेकर प्रदेशभर में हलचल: 5 फरवरी को जयपुर कूच की तैयारी”

चित्र
💥 सूचना विशेष: नर्सिंग भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट | 5 फरवरी को जयपुर में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय धरना ✍️ By Arjun Hansaliya Nursing Officer | Health Policy Analyst राजस्थान में नर्सिंग भर्ती एवं आने वाली भर्तियों के भविष्य को लेकर यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेशभर में नर्सिंग समुदाय के बीच चर्चा तेज हो गई है और संगठनात्मक गतिविधियाँ भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं। 📢 क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति द्वारा 5 फरवरी (गुरुवार) को शहीद स्मारक, जयपुर पर प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। 🔎 जिलों में क्या चल रहा है? ✔️ जिला स्तर पर बैठकों का आयोजन ✔️ अधिक से अधिक सहभागिता पर जोर ✔️ संगठनात्मक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा इसी क्रम में दौसा जिले में प्रतीकात्मक रूप से पीले चावल वितरण कर स्थायी एवं संविदा कर्मियों द्वारा 5 फरवरी को जयपुर पहुंचने का सामूहिक संकल्प लिया गया — जो संगठनात्मक जागरूकता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। 🙏 विशेष आभार टीम द...

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 : भर्ती, चयन, सीनियरिटी, ACP और नर्सिंग कैडर की स्पष्ट नियमगत समझ

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 – तथ्यात्मक व कानूनी व्याख्या

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965

नर्सिंग एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े नियमों की तथ्यात्मक, कानूनी और संतुलित व्याख्या

✍️ Arjun Hansaliya

SECTION–1 : भूमिका – नियम 1965 क्यों महत्वपूर्ण हैं

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 (Rajasthan Medical & Health Subordinate Services Rules, 1965) राजस्थान की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का वह आधार हैं, जिन पर दशकों से नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवाओं की भर्ती, सेवा शर्तें, वरिष्ठता और पदोन्नति आधारित रही हैं।

इन नियमों को अक्सर केवल “भर्ती नियम” समझ लिया जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि ये नियम किसी एक भर्ती या एक वर्ष तक सीमित नहीं हैं। बल्कि ये नियम पूरे सेवा-जीवन को नियंत्रित करने वाला एक व्यापक कानूनी ढांचा (Statutory Framework) प्रदान करते हैं।

नियम 1965 को समझे बिना:
  • नर्सिंग भर्ती की प्रक्रिया
  • मेरिट बनाम परीक्षा की बहस
  • बोनस अंकों की वैधता
  • सीनियरिटी (Seniority)
  • पदोन्नति और ACP
को सही संदर्भ में समझना संभव नहीं है।

वर्षों से यह देखा गया है कि नियमों की अधूरी या चयनात्मक व्याख्या के कारण भ्रम, असमंजस और अनावश्यक विवाद उत्पन्न होते रहे हैं। इस दस्तावेज़ का उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि उपलब्ध नियमों और रिकॉर्ड के आधार पर एक स्पष्ट और संतुलित समझ प्रस्तुत करना है।

SECTION–2 : नियम 1965 की कानूनी स्थिति और वैधता

एक आम धारणा यह सुनने को मिलती है कि “1965 के नियम बहुत पुराने हो चुके हैं, अब इनकी प्रासंगिकता नहीं रही।”

यह धारणा कानूनी दृष्टि से सही नहीं है।

किसी नियम की वैधता उसकी उम्र से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि:

  • क्या वह नियम विधिवत अधिसूचित है
  • क्या उसे निरस्त (Repeal) किया गया है
  • या क्या वह समय-समय पर संशोधित (Amended) हुआ है
राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965:
  • विधिवत अधिसूचित हैं
  • कभी निरस्त नहीं किए गए
  • समय-समय पर संशोधित किए जाते रहे हैं

यही कारण है कि 2013, 2018 और 2023 की नर्सिंग भर्तियाँ भी इन्हीं नियमों के संशोधित स्वरूप के अंतर्गत आयोजित की गईं।

कानून में “पुराना” या “नया” नहीं देखा जाता, बल्कि यह देखा जाता है कि नियम प्रभावी (In Force) है या नहीं।

जब तक कोई नियम विधिवत समाप्त न कर दिया जाए, वह पूर्ण रूप से लागू और बाध्यकारी माना जाता है। इस सिद्धांत के आधार पर नियम 1965 आज भी राजस्थान की स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवाओं की कानूनी रीढ़ बने हुए हैं।

SECTION–3 : नियम 1965 की संरचना – Rules और Schedule का वास्तविक अर्थ

नियम 1965 को समझने में सबसे बड़ी कठिनाई Rules और Schedule के आपसी संबंध को लेकर देखी जाती है। अक्सर Schedule को ही “नियम” मान लिया जाता है, जो कि एक अधूरी समझ है।

कानूनी दृष्टि से:
  • Rules → मूल कानून (Substantive Law)
  • Schedule → नियमों का अनुप्रयोग (Application)

Rules यह तय करते हैं कि:

  • भर्ती का तरीका क्या होगा
  • चयन कैसे होगा
  • वरिष्ठता किस आधार पर बनेगी
  • पदोन्नति की प्रक्रिया क्या होगी

जबकि Schedule यह बताता है कि:

  • कौन सा पद किस Group में है
  • कितने प्रतिशत Direct Recruitment होगा
  • कितने प्रतिशत Promotion से
  • न्यूनतम योग्यता क्या होगी
यदि कभी Rule और Schedule में किसी प्रकार का टकराव दिखाई देता है, तो कानूनी रूप से Rule को प्राथमिकता दी जाती है
इस सिद्धांत को समझना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि आगे चलकर Merit, Bonus, Seniority और Promotion सभी विषय इसी आधार पर स्पष्ट होते हैं।
नोट:
अगले भाग में इसी Master HTML Document के भीतर:
  • SECTION–4 : Rule 6 – भर्ती के तरीके
  • SECTION–5 : Rule 19 – मेरिट और चयन प्रक्रिया
को विस्तार से जोड़ा जाएगा।
📌 यह दस्तावेज़ केवल सूचना और नियमों की व्याख्या के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
📌 इसमें व्यक्त विचार किसी प्रकार का आरोप, आह्वान या प्रशासनिक निर्देश नहीं हैं।

SECTION–4 : Rule 6 – भर्ती के तरीके (Methods of Recruitment)

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 का Rule 6 भर्ती प्रणाली की आधारशिला (Foundation Rule) माना जाता है। यही नियम यह तय करता है कि किसी भी पद पर नियुक्ति किस-किस माध्यम से की जा सकती है।

Rule 6 का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया:
  • नियमबद्ध हो
  • पारदर्शी हो
  • और प्रशासनिक मनमानी से मुक्त रहे

4.1 Rule 6 के अंतर्गत मान्य भर्ती के तरीके

Rule 6 स्पष्ट रूप से तीन वैध तरीकों को मान्यता देता है:

  • Direct Recruitment (प्रत्यक्ष भर्ती)
  • Promotion (पदोन्नति)
  • Special / Compassionate Appointment

इन तीनों तरीकों का प्रयोग अलग–अलग पदों और परिस्थितियों में किया जाता है, जिसका विवरण Schedule–I में दिया गया है।


4.2 Direct Recruitment – वास्तविक अर्थ और दायरा

Direct Recruitment का सामान्य अर्थ है:

  • विभाग के बाहर से अभ्यर्थियों का चयन
  • विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित करना
  • नियमों के अनुसार चयन करना
महत्वपूर्ण कानूनी तथ्य:
Rule 6 या नियम 1965 के किसी भी अन्य प्रावधान में यह नहीं लिखा है कि Direct Recruitment केवल लिखित परीक्षा (Written Exam) से ही की जाएगी।

इसका सीधा अर्थ यह है कि:

  • परीक्षा (Exam) एक विकल्प हो सकती है
  • लेकिन यह अनिवार्य शर्त नहीं है
यही कारण है कि राजस्थान में अलग–अलग समय पर भर्ती के अलग–अलग मॉडल अपनाए गए हैं।

4.3 Promotion – सेवा के भीतर उन्नयन

Promotion का उद्देश्य है:

  • अनुभवी कर्मचारियों को आगे बढ़ने का अवसर देना
  • सेवा में निरंतरता और स्थायित्व बनाए रखना

Promotion से जुड़ी प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह केवल पात्र विभागीय कर्मचारियों के लिए
  • न्यूनतम सेवा अवधि आवश्यक
  • DPC (Departmental Promotion Committee) के माध्यम से
Promotion की प्रक्रिया Rule 24, Rule 24A और संबंधित Schedule के अनुसार अलग–अलग पदों के लिए निर्धारित है।

4.4 Special / Compassionate Appointment

यह भर्ती का सामान्य तरीका नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों के लिए प्रावधान है।

  • सेवा के दौरान मृत्यु
  • असाधारण मानवीय परिस्थितियाँ

इस प्रकार की नियुक्तियाँ:

  • सीमित संख्या में
  • कड़े नियमों के अंतर्गत
  • सामान्य भर्ती प्रक्रिया का विकल्प नहीं

4.5 Direct Recruitment = Exam अनिवार्य? (भ्रम बनाम तथ्य)

अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि: “यदि परीक्षा नहीं हुई, तो भर्ती अवैध है”

यह तर्क नियम 1965 के शाब्दिक और कानूनी अध्ययन से सिद्ध नहीं होता।

क्योंकि:

  • Rule 6 Exam को अनिवार्य नहीं करता
  • Rule 19 Merit आधारित चयन की अनुमति देता है
  • Schedule केवल पद–संरचना बताता है, तरीका नहीं
इसलिए, Merit + Bonus आधारित चयन नियम 1965 के ढांचे के भीतर वैध माना गया है।

4.6 नर्सिंग कैडर पर Rule 6 का प्रभाव

नर्स ग्रेड–II (Staff Nurse) के संदर्भ में:

  • Direct Recruitment की व्यवस्था
  • Promotion का निर्धारित प्रतिशत
  • योग्यता और अनुभव की शर्तें

सभी बातें Schedule–I में स्पष्ट हैं, लेकिन चयन का तरीका Rule 19 के अधीन रहता है, Rule 6 के अंतर्गत ही।

इसका अर्थ यह है कि:
  • Rule 6 भर्ती का रास्ता बताता है
  • Rule 19 चयन का मापदंड तय करता है

4.7 Section–4 का निष्कर्ष

  • Rule 6 भर्ती के तरीकों को परिभाषित करता है
  • Direct Recruitment ≠ केवल परीक्षा
  • Promotion और Compassionate Appointment अलग विषय हैं
  • नर्सिंग भर्ती Rule 6 के अंतर्गत वैध रूप से की गई है
📌 यह अनुभाग नियमों की व्याख्या पर आधारित है।
📌 इसका उद्देश्य सूचना देना है, किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करना नहीं।

SECTION–5 : Rule 19 – चयन प्रक्रिया, Merit और Bonus Marks

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 का Rule 19 इस पूरे नियम–समुच्चय का सबसे अधिक चर्चा में रहने वाला प्रावधान है। भर्ती, चयन, मेरिट, बोनस अंक और परीक्षा से जुड़े अधिकांश विवादों की जड़ यहीं से निकलती है।

Rule 19 का वास्तविक उद्देश्य
योग्य अभ्यर्थियों में से सबसे उपयुक्त (Most Suitable) व्यक्ति का चयन करना है, न कि किसी एक चयन पद्धति को थोपना।

5.1 Rule 19 क्या नियंत्रित करता है?

Rule 19 का दायरा निम्न विषयों तक सीमित है:

  • Selection (चयन)
  • Merit का निर्धारण
  • Select List / Reserve List का निर्माण

Rule 19 इन विषयों को नियंत्रित नहीं करता:

  • Appointment Date
  • Joining Date
  • Seniority
यही बिंदु न समझने के कारण Selection List को Seniority List मानने का भ्रम उत्पन्न हुआ।

5.2 “Merit” का कानूनी अर्थ

Rule 19 में प्रयुक्त शब्द Merit का अर्थ केवल लिखित परीक्षा के अंक नहीं है।

Merit एक Composite Concept है, जिसमें शामिल हो सकते हैं:

  • शैक्षणिक अंकों का मूल्यांकन
  • व्यावसायिक योग्यता
  • कार्य अनुभव
  • सेवा आधारित Bonus Marks
Merit का स्वरूप सरकार द्वारा परिस्थिति, पद और सेवा की प्रकृति के अनुसार निर्धारित किया जा सकता है।

5.3 Bonus Marks – अवधारणा और उद्देश्य

Bonus Marks का उद्देश्य:

  • अनुभवी कार्मिकों को वेटेज देना
  • प्रैक्टिकल अनुभव को मान्यता देना
  • सेवा में निरंतरता को प्रोत्साहित करना

विशेष रूप से नर्सिंग कैडर में:

  • NHM
  • 108
  • संविदा / अस्थायी सेवा

में कार्य कर चुके अभ्यर्थियों का अनुभव स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

Rule 19 चयन प्राधिकारी को यह अधिकार देता है कि Merit तय करने के लिए उचित मापदंड अपनाए।

5.4 Bonus Marks अवैध क्यों नहीं हैं?

यह कहना कि “Bonus Marks नियमों के खिलाफ हैं” तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

क्योंकि:

  • Rule 19 Bonus पर प्रतिबंध नहीं लगाता
  • Merit निर्धारण की स्वतंत्रता देता है
  • सरकार की नीति–निर्धारण शक्ति को मान्यता देता है
Bonus Marks तब तक वैध माने जाते हैं, जब तक वे मनमाने या भेदभावपूर्ण न हों।

5.5 परीक्षा (Exam) बनाम Merit आधारित चयन

Rule 19 में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि:

  • लिखित परीक्षा अनिवार्य होगी
  • परीक्षा के बिना चयन अवैध होगा

इसका सीधा अर्थ यह है कि:

  • Exam एक विकल्प है
  • Merit / Composite Model भी वैध है
यही कारण है कि राजस्थान में भिन्न–भिन्न वर्षों में भिन्न चयन मॉडल अपनाए गए।

5.6 Nursing Recruitment में Rule 19 का प्रयोग

नर्सिंग भर्तियों में:

  • 2013
  • 2018
  • 2023

तीनों अवसरों पर Merit + Bonus आधारित चयन मॉडल अपनाया गया।

इन भर्तियों को नियम 1965 के अंतर्गत वैध माना गया और इन्हें पूर्णतः निरस्त नहीं किया गया।

5.7 Selection List क्या है और क्या नहीं?

Selection List:

  • चयन के लिए पात्रता दर्शाती है
  • नियुक्ति का अधिकार नहीं देती

Selection List:

  • Seniority तय नहीं करती
  • Joining Date को नियंत्रित नहीं करती
Selection List को Seniority List मानना Rule 19 की सीमा से बाहर है।

5.8 Section–5 का निष्कर्ष

  • Rule 19 चयन प्रक्रिया को नियंत्रित करता है
  • Merit एक समग्र अवधारणा है
  • Bonus Marks नियमसम्मत हैं
  • Exam बाध्यता नहीं है
  • Selection और Seniority अलग विषय हैं
📌 यह अनुभाग नियमों की तथ्यात्मक व्याख्या पर आधारित है।
📌 किसी भी प्रकार का निष्कर्ष पाठक पर आरोपित नहीं किया गया है।

SECTION–6 : Rule 28 – वरिष्ठता (Seniority) का नियमगत विश्लेषण

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 का Rule 28 वरिष्ठता (Seniority) से संबंधित मूल और निर्णायक प्रावधान है। नर्सिंग कैडर सहित सभी Health Subordinate Cadres में वरिष्ठता का निर्धारण इसी नियम के अंतर्गत किया जाना अपेक्षित है।

Rule 28 का उद्देश्य
सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के बीच एक स्पष्ट, वस्तुनिष्ठ और समान वरिष्ठता ढांचा निर्मित करना है, ताकि पदोन्नति, ACP और अन्य लाभ नियमबद्ध तरीके से दिए जा सकें।

6.1 Rule 28 का मूल सिद्धांत

Rule 28 का केंद्रीय सिद्धांत यह है कि:

किसी पद पर नियुक्त कर्मचारियों की वरिष्ठता उस पद पर उनकी नियमित नियुक्ति (Regular Appointment) की तिथि से निर्धारित होगी।

यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि:

  • चयन तिथि (Selection Date)
  • परिणाम तिथि (Result Date)
  • मेरिट क्रम (Merit Rank)

स्वयं में वरिष्ठता तय करने का आधार नहीं हैं।


6.2 समान नियुक्ति तिथि की स्थिति

Rule 28 आगे यह भी स्पष्ट करता है कि:

यदि दो या अधिक कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति एक ही दिन हुई हो, तो उनकी वरिष्ठता चयन सूची (Select / Merit List) में उनके क्रम के अनुसार तय की जाएगी।

अर्थात:

  • Primary Rule: Appointment date
  • Secondary Rule: Merit (केवल Tie-breaker के रूप में)
इससे स्पष्ट है कि Merit का प्रयोग वरिष्ठता के लिए केवल सीमित परिस्थिति में किया जाता है।

6.3 Rule 28 में क्या नहीं कहा गया है

Rule 28 के संबंध में अक्सर कुछ ऐसी बातें कही जाती हैं जो नियम में लिखी ही नहीं हैं।

Rule 28 में यह नहीं लिखा है कि:
  • वरिष्ठता हमेशा मेरिट से बनेगी
  • चयन सूची ही वरिष्ठता सूची होगी
  • परीक्षा अंक वरिष्ठता तय करेंगे

इसलिए, Rule 28 की व्याख्या करते समय केवल उसके शब्दों और उद्देश्य को ध्यान में रखना आवश्यक है।


6.4 Nursing Recruitment (2013–2016) के संदर्भ में Rule 28

नर्सिंग भर्ती के संदर्भ में निम्न तथ्य रिकॉर्ड पर हैं:

  • भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ: 2013
  • अंतिम चयन/पदस्थापन सूची: 10 फरवरी 2016
  • वास्तविक Joining:
    • 11 फरवरी 2016
    • 12 फरवरी 2016

Rule 28 के शुद्ध अनुप्रयोग के अनुसार:

  • 11.02.2016 को Join करने वाले पहले
  • 12.02.2016 को Join करने वाले बाद में
  • प्रत्येक दिन के भीतर Merit लागू

6.5 Selection List बनाम Seniority List

यहाँ एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंतर समझना आवश्यक है:

  • Selection List: चयन के लिए पात्रता
  • Seniority List: सेवा में क्रम

Rule 28 केवल Seniority से संबंधित है, Selection से नहीं।

Selection प्रक्रिया Rule 19 के अंतर्गत आती है, जबकि Seniority पूरी तरह Rule 28 का विषय है।

6.6 प्रशासनिक व्यवहार और व्यावहारिक स्थिति

कुछ परिस्थितियों में, प्रशासनिक सुविधा या समय के अंतराल के कारण Selection List को ही वरिष्ठता सूची के रूप में प्रकाशित किया गया।

यह स्थिति:

  • नियम परिवर्तन नहीं थी
  • बल्कि प्रक्रिया से जुड़ा विषय थी
यह अनुभाग केवल नियमों की व्याख्या प्रस्तुत करता है, किसी निर्णय पर टिप्पणी नहीं करता।

6.7 Section–6 का निष्कर्ष

  • Rule 28 वरिष्ठता का आधार नियुक्ति तिथि मानता है
  • Merit केवल समान तिथि पर लागू
  • Selection और Seniority अलग–अलग चरण हैं
  • ⚠️ स्पष्टीकरण (Important Clarification on Rule 28):

    Rule 28 के अनुसार वरिष्ठता (Seniority) का प्राथमिक आधार Date of Regular Appointment है।

    हालाँकि, यदि दो या अधिक कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति की तिथि समान हो, तो उनकी आपसी वरिष्ठता (Inter-se Seniority) उसी चयन/मेरिट सूची के क्रम के अनुसार तय होगी, जिसके आधार पर नियुक्ति की गई थी।

    अतः जहाँ सभी कर्मचारियों की Date of Appointment एक ही दिन की है, वहाँ वरिष्ठता निर्धारण में Merit / Selection Order लागू होगा।

    यह स्पष्टीकरण केवल नियम 28 की पूर्ण और संतुलित व्याख्या के उद्देश्य से जोड़ा गया है।
  • वरिष्ठता विवाद का मूल कारण नियम नहीं, उसकी व्याख्या है
📌 यह अनुभाग नियम 1965 के शब्दशः अध्ययन पर आधारित है।
📌 किसी भी प्रकार का निष्कर्ष या दावा पाठक पर आरोपित नहीं किया गया है।

SECTION–7 : 2016 Joining एवं 2019 Seniority List – तथ्यात्मक अध्ययन

इस अनुभाग में राजस्थान नर्सिंग भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण चरण का तथ्यात्मक और नियम–आधारित अध्ययन प्रस्तुत किया जा रहा है। यह अध्ययन किसी निष्कर्ष को आरोपित करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि नियमों की समझ विकसित करने के लिए है।

यहाँ प्रस्तुत सभी तथ्य सार्वजनिक अभिलेखों, आदेशों एवं प्रकाशित सूचियों पर आधारित हैं।

7.1 2013 Nursing Recruitment – संक्षिप्त पृष्ठभूमि

  • विज्ञापन वर्ष: 2013
  • चयन प्रक्रिया: 2014–2015
  • अंतिम चयन/पदस्थापन सूची: 10 फरवरी 2016

उक्त प्रक्रिया Rajasthan Medical & Health Subordinate Services Rules, 1965 के अंतर्गत संचालित की गई थी।


7.2 Joining की वास्तविक तिथियाँ (February 2016)

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार नियुक्त अभ्यर्थियों ने विभिन्न संस्थानों में निम्न तिथियों पर कार्यभार ग्रहण किया:

  • 11 फरवरी 2016
  • 12 फरवरी 2016
ये दोनों तिथियाँ वरिष्ठता निर्धारण के संदर्भ में Rule 28 के अंतर्गत महत्वपूर्ण बन जाती हैं।

7.3 Rule 28 के अनुसार अपेक्षित Seniority क्रम

यदि Rule 28 का शुद्ध अनुप्रयोग किया जाए, तो वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया निम्न प्रकार होनी चाहिए:

  • पहले – 11.02.2016 को Join करने वाले
  • बाद में – 12.02.2016 को Join करने वाले

तत्पश्चात:

  • 11 फरवरी वालों के बीच → Merit लागू
  • 12 फरवरी वालों के बीच → Merit लागू
यह प्रक्रिया Rule 28 के पाठ और उद्देश्य दोनों के अनुरूप होती।

7.4 2019 में प्रकाशित Seniority List

वर्ष 2019 में नर्स ग्रेड–II से संबंधित एक Seniority List प्रकाशित की गई, जिसे विभागीय रिकॉर्ड में अंतिम वरिष्ठता सूची के रूप में माना गया।

  • प्रकाशन वर्ष: 2019
  • आधार: पूर्व चयन/पदस्थापन दस्तावेज़

इस सूची में कुछ स्थानों पर Merit क्रम का प्रभाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है।


Rule 28 के अनुसार:

⚠️ स्पष्टीकरण (Important Clarification on Rule 28):

Rule 28 के अनुसार वरिष्ठता (Seniority) का प्राथमिक आधार Date of Regular Appointment है।

हालाँकि, यदि दो या अधिक कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति की तिथि समान हो, तो उनकी आपसी वरिष्ठता (Inter-se Seniority) उसी चयन/मेरिट सूची के क्रम के अनुसार तय होगी, जिसके आधार पर नियुक्ति की गई थी।

अतः जहाँ सभी कर्मचारियों की Date of Appointment एक ही दिन की है, वहाँ वरिष्ठता निर्धारण में Merit / Selection Order लागू होगा।

यह स्पष्टीकरण केवल नियम 28 की पूर्ण और संतुलित व्याख्या के उद्देश्य से जोड़ा गया है।
📌 यह अध्ययन केवल सूचना और नियम–व्याख्या के उद्देश्य से है।
📌 किसी भी प्रकार का दावा, आरोप या निर्देश निहित नहीं है।

SECTION–8 : Promotion, ACP, DPC और Seniority का आपसी संबंध

इस अनुभाग का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि वरिष्ठता (Rule 28), पदोन्नति (Promotion), DPC (Departmental Promotion Committee) और ACP / MACP एक–दूसरे से किस प्रकार जुड़े हुए हैं।

यह विश्लेषण नियम 1965 की व्याख्या और व्यवहारिक प्रशासनिक प्रक्रिया दोनों को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

8.1 Promotion का नियमगत आधार (Rules, 1965)

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 के अंतर्गत पदोन्नति का आधार मुख्य रूप से निम्न सिद्धांतों पर आधारित होता है:

  • Seniority-cum-Merit
  • Merit (कुछ उच्च/विशेष पदों के लिए)

इसका तात्पर्य यह है कि:

  • वरिष्ठता प्रवेश–द्वार (Eligibility Gate) है
  • मेरिट चयन का अंतिम मापदंड हो सकता है
केवल Seniority अपने–आप Promotion का अधिकार नहीं देती, लेकिन Seniority के बिना Promotion संभव भी नहीं होता।

8.2 DPC (Departmental Promotion Committee) की भूमिका

DPC का गठन नियमों और प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार किया जाता है। DPC की मुख्य भूमिकाएँ:

  • रिक्तियों (Vacancies) का निर्धारण
  • Eligibility List / Zone of Consideration बनाना
  • ACR/APAR का मूल्यांकन
  • Promotion हेतु चयन की अनुशंसा

DPC के कार्य का पहला आधार:

स्वीकृत Seniority List

यदि Seniority List में विसंगति हो, तो उसका प्रभाव पूरी DPC प्रक्रिया पर पड़ सकता है।


8.3 ACP / MACP – समयबद्ध लाभ का स्वरूप

ACP (Assured Career Progression) और MACP (Modified ACP) का उद्देश्य यह है कि:

  • लंबे समय तक पदोन्नति न मिलने पर
  • कर्मचारी को वित्तीय उन्नयन मिले

ACP / MACP में:

  • Eligibility → सेवा अवधि से
  • क्रम (Order) → Seniority से
इसलिए, गलत Seniority ACP/MACP क्रम को भी प्रभावित कर सकती है।

8.4 2019 Seniority List का Promotion/ACP पर प्रभाव

2019 में प्रकाशित Seniority List को व्यवहार में आधार मानते हुए:

  • DPC की प्रक्रियाएँ आगे बढ़ीं
  • कुछ पदोन्नतियाँ की गईं
  • ACP लाभ स्वीकृत हुए

यह स्थिति दर्शाती है कि:

  • सूची प्रशासनिक रूप से प्रभावी रही
  • कई मामलों में Third Party Rights बने

8.5 Third Party Rights – अवधारणा और प्रभाव

जब:

  • किसी सूची के आधार पर Promotion हो जाता है
  • या ACP लाभ मिल जाता है

तो उससे तीसरे पक्ष के अधिकार (Third Party Rights) उत्पन्न हो जाते हैं।

Third Party Rights बन जाने के बाद व्यापक Seniority संशोधन प्रशासनिक और कानूनी रूप से अत्यंत जटिल हो जाता है।

इसी कारण:

  • न्यायालय भी
  • और प्रशासन भी

लंबे समय बाद वरिष्ठता में हस्तक्षेप से आमतौर पर परहेज़ करते हैं।


8.6 वर्तमान व्यावहारिक स्थिति

वर्तमान स्थिति को निम्न प्रकार से समझा जा सकता है:

  • Rule 28 सिद्धांततः लागू है
  • 2019 Seniority List व्यवहार में मान्य है
  • ACP लाभ कई मामलों में लग चुके हैं
  • कुछ कर्मचारियों की DPC अभी लंबित है
यह अनुभाग केवल स्थिति को स्पष्ट करता है, किसी निष्कर्ष या निर्णय की घोषणा नहीं करता।

8.7 भविष्य के लिए संतुलित दृष्टिकोण

नियमों और व्यवहारिकता के संतुलन हेतु:

  • भविष्य की भर्तियों में Rule 28 का स्पष्ट पालन
  • समय पर Seniority Fixation
  • Selection List और Seniority List को अलग रखना
इससे भविष्य में Promotion और ACP से जुड़े विवाद कम किए जा सकते हैं।

8.8 Section–8 का निष्कर्ष

  • Promotion, DPC और ACP सीधे Seniority से जुड़े हैं
  • गलत Seniority का प्रभाव दूरगामी होता है
  • 2019 सूची व्यवहारिक आधार बन चुकी है
  • समाधान भविष्य–केंद्रित सुधार में है
📌 यह अनुभाग नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया की व्याख्या हेतु है।
📌 किसी भी प्रकार का आह्वान, आरोप या निर्देश निहित नहीं है।

SECTION–9 : न्यायालयीन सिद्धांत (High Court & Supreme Court) – चयनित विश्लेषण

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 से जुड़े विवादों में न्यायालयों की भूमिका नियमों को बदलने की नहीं, बल्कि उनके सही अनुप्रयोग (Correct Application) को सुनिश्चित करने की रही है।

इस अनुभाग में किसी एक मामले का विवरण नहीं, बल्कि न्यायालयों द्वारा बार-बार दोहराए गए स्थापित सिद्धांत (Settled Legal Principles) प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

9.1 Selection बनाम Appointment – न्यायालय का स्पष्ट दृष्टिकोण

उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने लगातार यह सिद्धांत दोहराया है कि:

Selection (चयन) केवल विचार किए जाने का अधिकार देता है,
जबकि Appointment (नियुक्ति) सेवा में वास्तविक प्रवेश कराती है।

अर्थात:

  • चयन सूची में नाम आना = सेवा अधिकार नहीं
  • नियुक्ति/Joining = सेवा का प्रारंभ

यही सिद्धांत Seniority से जुड़े सभी विवादों की मूल आधारशिला है।


9.2 Seniority का सिद्धांत – Appointment Date निर्णायक

न्यायालयों द्वारा स्थापित एक और महत्वपूर्ण सिद्धांत यह है कि:

Seniority flows from the date of regular appointment and not from the date of selection.

इसका आशय:

  • Merit Rank स्वयं Seniority तय नहीं करता
  • Appointment / Joining Date प्राथमिक है
  • Merit केवल समान तिथि पर सहायक भूमिका निभाता है
यह सिद्धांत Rule 28 के शब्दों और उद्देश्य दोनों से पूर्णतः मेल खाता है।

9.3 Bonus Marks पर न्यायालय की दृष्टि

Bonus Marks को लेकर न्यायालयों की स्थिति स्पष्ट और संतुलित रही है।

  • Bonus Marks को पूर्णतः अवैध नहीं माना गया
  • लेकिन उन्हें अनियंत्रित भी नहीं छोड़ा गया
न्यायालयों का सामान्य दृष्टिकोण यह रहा है कि:
  • अनुभव को वेटेज दिया जा सकता है
  • बशर्ते वह तर्कसंगत हो
  • और मनमाना या भेदभावपूर्ण न हो

यह दृष्टिकोण Rule 19 के अंतर्गत सरकार की नीति–निर्धारण शक्ति को मान्यता देता है।


9.4 Exam अनिवार्यता पर न्यायिक स्थिति

न्यायालयों ने यह नहीं कहा है कि:

  • हर Direct Recruitment में परीक्षा अनिवार्य है

बल्कि यह स्पष्ट किया गया है कि:

  • यदि नियम Exam को अनिवार्य नहीं बनाते
  • तो सरकार Merit या Composite Model अपना सकती है
यह स्थिति Rule 6 और Rule 19 दोनों की भावना के अनुरूप है।

9.5 Delay, Acquiescence और Limitation का सिद्धांत

न्यायालयों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत है:

Delay defeats equity.

अर्थात:

  • यदि किसी सूची या आदेश पर समय रहते आपत्ति नहीं की गई
  • और उसके आधार पर लाभ दिए जा चुके हैं

तो:

  • बाद में हस्तक्षेप सीमित हो जाता है
  • विशेषकर जब Third Party Rights बन चुके हों

9.6 Third Party Rights – न्यायालय क्यों सतर्क रहता है?

जब:

  • Promotion हो चुके हों
  • ACP / MACP लाभ मिल चुके हों

तो:

  • कई कर्मचारियों के अधिकार आपस में जुड़ जाते हैं
इस स्थिति में न्यायालय व्यापक प्रशासनिक अस्थिरता से बचने के लिए वरिष्ठता में बड़े बदलाव से आमतौर पर परहेज़ करता है।

9.7 2013–2019 Nursing Context में न्यायिक सिद्धांतों का अनुप्रयोग

यदि न्यायालयों के स्थापित सिद्धांतों को नर्सिंग भर्ती के संदर्भ में देखा जाए, तो:

  • Selection → Rule 19 के अधीन
  • Appointment → सेवा में प्रवेश
  • Seniority → Rule 28 के अनुसार
  • 2019 सूची → प्रशासनिक कार्यवाही
यह अनुभाग न्यायिक सिद्धांतों और नियमों के बीच सामंजस्य को स्पष्ट करता है।

9.8 Section–9 का निष्कर्ष

  • Selection, Appointment और Seniority अलग–अलग चरण हैं
  • Bonus Marks नीति का विषय हैं
  • Exam अनिवार्य नहीं
  • Delay और Third Party Rights निर्णायक भूमिका निभाते हैं
  • न्यायालय नियम बदलते नहीं, उनका अनुप्रयोग देखते हैं
📌 यह अनुभाग स्थापित न्यायिक सिद्धांतों पर आधारित है।
📌 किसी भी निर्णय, आदेश या व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं करता।

SECTION–10 : समग्र निष्कर्ष, वर्तमान स्थिति और व्यावहारिक परिप्रेक्ष्य

यह अंतिम अनुभाग PART–1 से SECTION–9 तक प्रस्तुत पूरे अध्ययन का समग्र निष्कर्ष (Overall Conclusion) प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य किसी निर्णय की घोषणा करना नहीं, बल्कि नियमों, न्यायिक सिद्धांतों और वर्तमान प्रशासनिक स्थिति को एक संतुलित दृष्टि से समझना है।

यह अनुभाग नियम 1965 की व्याख्या, व्यवहारिक स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों पर आधारित है।

10.1 नियम 1965 पर अंतिम स्थिति

पूरे अध्ययन से यह तथ्य स्पष्ट होता है कि:

  • Rajasthan Medical & Health Subordinate Services Rules, 1965 आज भी वैध हैं
  • भर्ती, चयन, वरिष्ठता और पदोन्नति अलग–अलग नियमों से संचालित होते हैं
  • नियमों को एक–दूसरे में मिलाने से भ्रम उत्पन्न होता है
नियम पुराने हो सकते हैं, लेकिन उनकी वैधता संशोधन और अधिसूचना से तय होती है, न कि उनके निर्माण वर्ष से।

10.2 Selection, Appointment और Seniority – स्पष्ट विभाजन

इस पूरे दस्तावेज़ का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि:

  • Selection → Rule 19 के अंतर्गत
  • Appointment / Joining → सेवा में प्रवेश
  • Seniority → Rule 28 के अंतर्गत
इन तीनों चरणों को आपस में मिलाना अधिकांश विवादों का मुख्य कारण रहा है।

10.3 2019 Seniority List के बाद की स्थिति

उपलब्ध अभिलेखों और वर्तमान स्थिति के अनुसार:

  • वर्ष 2019 में एक Seniority List प्रकाशित की गई
  • उसके बाद नर्सिंग कैडर की कोई नई Seniority List प्रकाशित नहीं हुई

यह भी तथ्य है कि:

  • ACP लाभ कई मामलों में स्वीकृत किए गए
  • ये ACP लाभ संबंधित कार्मिकों के 9 वर्ष की सेवा पूर्ण होने की तिथि से लागू किए गए
ACP का लगाया जाना Seniority List के पुनः निर्धारण का प्रमाण नहीं माना जा सकता, क्योंकि ACP समय–आधारित वित्तीय लाभ है।

10.4 DPC और Promotion की वर्तमान स्थिति

वर्तमान समय तक:

  • नर्सिंग कैडर में व्यापक स्तर पर नई DPC आयोजित नहीं हुई है
  • इस आधार पर कोई सामूहिक पदोन्नति अभी तक संपन्न नहीं हुई है

अतः यह कहना अधिक उचित होगा कि:

वर्तमान में स्थिति स्थिर (Status Quo) है, न कि पदोन्नति–आधारित परिवर्तनशील।

10.5 नियम बनाम व्यवहार – संतुलित दृष्टिकोण

इस अध्ययन से दो समानांतर वास्तविकताएँ स्पष्ट होती हैं:

  • नियमगत स्थिति: Rule 28 आज भी वरिष्ठता का आधार तय करता है
  • व्यवहारिक स्थिति: 2019 की सूची प्रशासनिक आधार बनी हुई है
यह अंतर नियम के अस्तित्व और उसके अनुप्रयोग के बीच का है, न कि नियम की वैधता पर प्रश्न।

10.6 भविष्य के लिए सुरक्षित निष्कर्ष

नियमों और व्यावहारिकता के संतुलन हेतु निम्न बिंदु महत्वपूर्ण हैं:

  • भविष्य की भर्तियों में Rule 28 का स्पष्ट और समयबद्ध अनुप्रयोग
  • Selection List और Seniority List का पृथक प्रकाशन
  • समय पर Seniority Fixation ताकि विवाद न पनपे
यह दृष्टिकोण न तो किसी वर्ग के विरुद्ध है, न ही किसी के पक्ष में — यह केवल नियम–आधारित स्पष्टता पर केंद्रित है।

10.7 अंतिम शब्द (Final Words)

यह पूरा दस्तावेज़ किसी आंदोलन, किसी आरोप या किसी मांग का माध्यम नहीं है।

इसका एकमात्र उद्देश्य:

  • नियम 1965 की सही समझ
  • भ्रम से मुक्त तथ्यात्मक विश्लेषण
  • और संतुलित जानकारी प्रस्तुत करना
लेखक: Arjun Hansaliya

📌 यह लेख सूचना, अध्ययन और नियम–व्याख्या के उद्देश्य से लिखा गया है।
📌 यह किसी प्रकार का प्रशासनिक निर्देश, कानूनी सलाह या आह्वान नहीं है।
📌 इसमें व्यक्त विचार उपलब्ध नियमों, न्यायिक सिद्धांतों और सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IPR 2025–26: राजस्थान सरकारी कर्मचारियों के लिए अचल संपत्ति विवरण की पूरी जानकारी

राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: सभी डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट के लिए HP-ID अनिवार्य

राजस्थान सरकार के कर्मचारियों हेतु अवकाश नियम (RSR) की पूरी जानकारी